आधी रात के ठीक बाद, प्रसिद्ध ओरिएंट एक्सप्रेस अपने ट्रैक पर बर्फबारी के कारण रुक गई। सुबह तक, करोड़पति सैमुअल एडवर्ड रैचेट अपने डिब्बे में मृत पड़े थे, उन पर दर्जनों बार वार किया गया था, उनका…
Name: Tu Bandar Main Langoor
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 526
Size: 118 MB
Novel Type: Thriller & Suspense, Crime & Mystery
Series: Kesav Pandit Series
Writer: Abhimanyu Pandit…
लंका में आपका स्वागत है! रावण के चरित्र के बारे में अधिकांश लोगों को यही मालूम है कि उसने अपनी शक्ति के मद में चूर होकर सीता का हरण किया, जटायु के प्राण लिये, श्रीराम के दूत हनुमान का अपमान किया,…
जासूसी साहित्य को वापस उसकी ऊंचाइयों पर ले जाने के प्रयास में सूरज पॉकेट बुक्स फिर आपके सामने लेकर आया है 60 के दशक का एक शाहकार प्रेतों का निर्माता। जिसका इंतेज़ार आप सभी को था-60 और 70 के दशक में…
वेद प्रकाश कंबोज अपने दौर के सबसे लोकप्रिय हिंदी फंक्शन के लेखक रहे हैं जिन्होंने अनेक लोकप्रिय जासूसी उपन्यासों की रचना की। इन के पात्रों से प्रेरणा पाकर अन्य लेखकों ने भी उनके पात्र सिंगही,…
वेद प्रकाश कंबोज ने 1958 से लेखन शुरू किया और आज 83 वर्ष की अवस्था में भी लेखन जारी है। पहले उन्होंने जासूसी उपन्यास लिखे किंतु पिछले 5 वर्षों से उन्होंने अपने लेखन की धारा को मोड़ कर पौराणिक और…
वेद प्रकाश काम्बोज अपने दौर के सबसे लोकप्रिय हिंदी जासूसी उपन्यासों के लेखक रहे हैं जिन्होंने अनेक लोकप्रिय जासूसी उपन्यासों की रचना की। इन के पात्रों से प्रेरणा पाकर अन्य लेखकों ने भी उनके पात्र…
मगर उस समय आर्थर विफर गया जब गाली देने वाले लड़कों में से एक ने उनकी मेज के निकट से गुजरते समय डाक्टर के सर पर चपत रसीद कर दी। उसके बाद आर्थर न रुक सका। वह किसी बिफरे हुए शेर को भांति उन चारों पर झपट…
रघुनाथ ने विजय की ओर झपटना चाहा परन्तु विजय ने पीछे हटते हुए यह कहकर उसे रोक दिया-‘एक सुपरिन्टेन्डेन्ट को यह नदीदापन शोभा नहीं देता।’ ‘ऐसी की तैसी साले सुपरिन्टेन्डेन्ट की।’ रघुनाथ ने झल्लाकर कहा और…
निदान कई वर्षों बाद 16 अक्टूबर 1955 को डैम्पियर नामक ब्रिटिश पनडुब्बी उस अपार धनराशि की खोज में चली। कैप्टन बरनज उस खोजी दल का नेता था। डैम्पियर ने अन्धमहासागर को मथ डाला लेकिन खजाने का पता न चला।…
Name: Singhi Ka Pret
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 152
Size: 78 MB
Novel Type: Thriller & Suspense, Action, Jasoosi
Series: Vijay Alphanse Series
Writer: Ved Prakash Kamboj
“कितना अजीब इत्तफाक है सूरज ! कल तक हम एक-दूसरे से नितांत अपरिचित थे और आज कितने करीब हैं। कल अगर तुम ठीक वक्त पर वहां न पहुंच गए होते तो वो बदमाश न जाने मेरा क्या हाल करते। कैसी दुर्गति बनाते। मैं…
अचानक मेरिया की गाडी चारों तरफ से इस तरह घिर गयी की घेरने वाली गाड़ियों की हेडलाइटे उसकी गाडी पर पड़ रही थी। वे लोग काफी देर से मेरिया की गाडी का पीछा कर रहे थे और इस तरह घेराव में लेने की कोशिश कर…
"आखिर तू चाहता क्या है ?" "तिवारी--- उस बैग के अंदर दो तीन करोड़ की रकम मौजूद होना मामूली बात है। मैं उसका अंदाजा नहीं लगा पा रहा हूँ। अब तू ज़रा सोच। .... सोच की हमारे जैसे हक़ीर इंसान अचानक ही उस…
तुम गोविन्द की बात कर रहे हो !
हाँ मैं खुद गोविन्द ही बोल रहा हूँ।
"यानि मैं उस शख्स से बात कर रहा हूँ , जिसकी अर्थी को मैंने स्वयं कन्धा दिया था। .? जिसकी लाश को पोस्टमॉर्टम के बाद मैंने ही क्लेम…