Free Download Nayee Nasl Ka Gunda Tiger Hindi Novel Pdf

“वापस लौट जाओ साहब।” कोठी के मेन गेट पर खड़े चार डों में से एक खूंखार सा दिखने वाला गुंडा कड़े स्वर में बोला- “आइंदा भूलकर भी यहां मत आना।” “तुम लोग मुझे जानते हो?” शेषनाग ने एक-एक करके उन्हें घूरते हुए पूछा। “हमने क्या करना है जानकर? हमें तो यह ऑर्डर मिला है कि अंदर किसी को न आने दिया जाए, अगर कोई जबरदस्ती घुसने की कोशिश करे तो…” “तो क्या ?” उसने जेब से रिवॉल्वर निकालकर शेषनाग को दिखाया। “इस बंगले में आखिर हो क्या रहा है?” शेषनाग ने पूछा। “कुछ नहीं हो रहा है।” गुंडा बोला- “अगर कुछ हो भी रहा है तो तुम्हें इससे कोई मतलब नहीं होना चाहिए।” “मुझे मतलब है।” “लौट जाओ साहब! क्यों मरना चाहते हो?” “एक पुलिस ऑफिसर को मार सकोगे?” “मैं तुम्हारे टुकड़े-टुकड़े करके चौक पर सजा सकता हूं, अगर यकीन न हो तो अंदर घुसने की कोशिश करके देखो।” “अगर मैं अपनी ड्यूटी पर होता।” शेषनाग उसे घूरकर बोला – ” अगर अंदर घुसना एक सरकारी काम होता, तो तुम्हारे जैसे बीस-पच्चीस भी मुझे नहीं रोक पाते। फिलहाल अंदर जाना मेरी बहुत बड़ी जरूरत नहीं है ।”- “तो फिर लीट जाओ साहब!” “लौटना तो मुझे है ही, लेकिन तुम लोगों को तुम्हारी औकात बताकर ही लौटूंगा।”
Name: Nayee Nasl Ka Gunda
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 272
Size: 18.2 MB
Series: Sheshnag Shamli Series
Novel Type: Crime, Thriller & Suspense
Writer: Tiger

