Free Download Kursi Wala Daaku Tiger Hindi Novel Pdf

“सिर्फ एक घंटा बाकी रह गया है शेषनाग !” वो व्यंग्यपूर्वक हंसती हुई बोली——“अपने वादे के मुताबिक या तो तुम मेरी जुबान खुलवाकर दिखाओ, वरना सारी उम्र दादी मां की गुलामी करने के लिए तैयार हो जाओ ।” “मैं चलता हूं।” कहकर शेषनाग दरवाजे की ओर बढ़ा। “क्यों, मेरी जुबान खुलवाने की सभी कोशिशें कर-करके थक चुके हो ?”
“अभी एक घंटा बाकी है।” शेषनाग उसे घूरकर बोला- “मैं अपने कमरे में जा रहा हूं।” “काफी थक चुके हो, इसलिए आराम करने जा रहे हो ?” “नहीं! अपने कमरे में जाकर मैं एक ऐसा इंतजाम करने जा रहा हूं, जिससे तू मुझे सब कुछ बताने के लिए तैयार हो जाएगी और दौड़ी-दौड़ीं मेरे पास चली आएगी।” प्रत्युत्तर में यूं कहकहे लगाने लगी दादी मां की एजेंट, जैसे शेषनाग का मजाक उड़ा रही हो । कुर्सी वाला डाकू एक ऐसी लड़की की कहानी, जिसके चार पिता थे। पहला हिन्दू, दूसरा मुस्लिम, तीसरा सिक्ख और चौथा ईसाई ।
Name: Kursi Wala Daaku
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 372
Size: 36.4 MB
Series: Sheshnag Shamli Series
Novel Type: Crime, Thriller & Suspense
Writer: Tiger

